|
हिन्दी नाट्य-भाषा के विकास में मोहन राकेश का योगदान : एक आलोचनात्मक अध्ययन
1
Author(s):
DR. RANJANA SINGH
Vol - 17, Issue- 7 ,
Page(s) : 87 - 93
(2026 )
DOI : https://doi.org/10.32804/IRJMST
Get Index Page
Abstract
मोहन राकेश हिन्दी नाटक के उस युगीन परिवर्तन के अग्रदूत थे, जिन्होंने नाट्य भाषा को केवल संवाद का माध्यम न बनाकर, संवेदना, विचार और जीवन-दर्शन की सजीव अभिव्यक्ति का उपकरण बनाया।
|